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दिल्ली के सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे की पूरी जानकारी

सत्य निकेतन, दक्षिण दिल्ली में रविवार, 6 सितंबर 2026 को एक पाँच मंज़िला इमारत अचानक गिर गई। इस इमारत में लड़कों के लिए PG/हॉस्टल चल रहा था। यह इलाका दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास है और यहाँ बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं।

क्या हुआ?

  • इमारत दोपहर करीब 1:30 बजे ढह गई।
  • हादसे के समय इमारत के अंदर कई छात्र और अन्य लोग मौजूद थे।
  • शुरुआत में आशंका थी कि 30–40 लोग मलबे में फँसे हो सकते हैं
  • दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस और NDRF की टीमों ने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया।
  • बचाव अभियान लगभग 27 घंटे तक चला।
  • मलबे से 12 लोगों को जीवित बचाया गया
  • अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

 


 

इमारत क्यों गिरी?

हादसे का अंतिम कारण अभी जांच के अधीन है। हालांकि जांच में कई संभावित कारण सामने आए हैं:

  • बेसमेंट में निर्माण/मरम्मत का काम चल रहा था।
  • बेसमेंट में पानी जमा होने की बात सामने आई है।
  • इमारत में समय के साथ संरचनात्मक बदलाव किए जाने की जांच हो रही है।
  • कुछ रिपोर्टों के अनुसार इमारत में अनुमति से अधिक मंज़िलें बनाई गई थीं।
  • अधिकारियों द्वारा यह भी जांचा जा रहा है कि क्या इमारत की संरचना में पर्याप्त कॉलम और बीम थे।
  • यह भी देखा जा रहा है कि निर्माण और मरम्मत का काम नियमों के अनुसार हुआ था या नहीं।

इनमें से किसी को अभी अंतिम रूप से हादसे का कारण नहीं माना गया है।

इमारत की मंज़ूरी को लेकर बड़ा सवाल

रिपोर्टों के अनुसार, संपत्ति को मूल रूप से G+1 यानी ग्राउंड फ्लोर और एक मंज़िल की अनुमति मिली थी, लेकिन बाद में इसमें G+4 तक निर्माण होने की बात सामने आई है।

इसका मतलब है कि अनुमत निर्माण से कई अतिरिक्त मंज़िलें बनाई गई होंगी। अब जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि:

  • अतिरिक्त मंज़िलें किसने बनाईं?
  • क्या MCD को इसकी जानकारी थी?
  • इमारत को PG के रूप में चलाने की अनुमति कैसे मिली?
  • क्या पहले कभी शिकायत या कार्रवाई हुई थी?
  • क्या अधिकारियों ने नियमों का पालन सुनिश्चित किया था?

तीन लोगों की गिरफ्तारी

पुलिस ने संपत्ति से जुड़े परिवार के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है:

  • हरिराम गुप्ता
  • उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता
  • उनके बेटे महेश गुप्ता

पुलिस इमारत के निर्माण, मरम्मत और PG के संचालन से जुड़ी जिम्मेदारियों की जांच कर रही है।

MCD के अधिकारियों पर भी कार्रवाई

हादसे के बाद MCD के पाँच अधिकारियों को निलंबित किया गया है।

इसमें दक्षिण क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी और इंजीनियर शामिल हैं। अधिकारियों की भूमिका इस बात को लेकर जांची जा रही है कि क्या अवैध या असुरक्षित निर्माण को रोकने में लापरवाही हुई।

दिल्ली हाई कोर्ट की कार्रवाई

हादसे के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने PG और छात्र आवासों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।

दिल्ली में PG accommodations का शहरव्यापी सुरक्षा ऑडिट कराने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। खासकर उन इलाकों पर ध्यान दिया जा रहा है जहाँ बड़ी संख्या में छात्र PG में रहते हैं।

छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता

सत्य निकेतन दिल्ली का एक प्रमुख student-housing area है। यहाँ दिल्ली विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों के बहुत से छात्र PG में रहते हैं।

पुरानी इमारतों को PG में बदलने के दौरान अतिरिक्त कमरे, मंज़िलें या अन्य निर्माण किए जाने से उनकी संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि 2022 में इसी सत्य निकेतन इलाके में एक अन्य इमारत गिरने से दो मजदूरों की मौत हुई थी। चार साल के अंतराल में दो हादसों ने इलाके में निर्माण और सुरक्षा नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आगे क्या होगा?

अब जांच में मुख्य रूप से इन बातों पर ध्यान दिया जाएगा:

  • हादसे की वास्तविक वजह क्या थी।
  • इमारत के मूल नक्शे और निर्माण रिकॉर्ड क्या कहते हैं।
  • अतिरिक्त मंज़िलें कब और कैसे बनाई गईं।
  • बेसमेंट में चल रहा काम कितना सुरक्षित था।
  • क्या निर्माण नियमों का उल्लंघन हुआ।
  • संपत्ति मालिकों और अधिकारियों की जिम्मेदारी क्या थी।
  • दिल्ली के अन्य PG और छात्रावास कितने सुरक्षित हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात: अभी जांच पूरी नहीं हुई है, इसलिए इमारत गिरने की अंतिम वजह और जिम्मेदार व्यक्तियों के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।


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