Breaking News: यमुना एक्सप्रेसवे पर AC स्लीपर बस में भीषण आग 9 यात्रियों की मौत

 

यमुना एक्सप्रेसवे पर AC स्लीपर बस में भीषण आग

                        9 यात्रियों की मौत🔥

नोएडा/ग्रेटर नोएडा, 25 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक चलती हुई AC स्लीपर बस में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में 9 यात्रियों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस तथा दमकल विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

दिल्ली से महोबा जा रही थी बस

जानकारी के अनुसार बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से रवाना हुई थी और उत्तर प्रदेश के महोबा की ओर जा रही थी। बस में करीब 35 यात्री सवार बताए गए हैं। रात करीब 11 बजे के बाद यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर क्षेत्र के पास बस में आग फैल गई।

आग तेजी से फैलने के कारण यात्रियों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। कुछ यात्रियों ने खिड़कियों और अन्य रास्तों से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।

 


 

आग लगने की वजह क्या थी?

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार आग बस के AC सिस्टम से संबंधित तकनीकी खराबी के बाद लगी हो सकती है। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि AC में स्पार्क के बाद इंजन के लुब्रिकेटिंग ऑयल में आग लगने की आशंका जताई गई है। हालांकि घटना की पूरी वजह और जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच जारी है।

वहीं, एक यात्री की शिकायत के आधार पर दर्ज FIR में आरोप लगाया गया है कि आग लगने से पहले यात्रियों ने बस में जलने की गंध महसूस की थी और बस रोकने की मांग की थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

9 यात्रियों की मौत

आग बुझाने के बाद बचाव दल ने बस के अंदर से 9 शव बरामद किए। अधिकारियों के अनुसार कई पीड़ितों की पहचान करना मुश्किल रहा, क्योंकि आग बेहद तेज थी। रिपोर्टों के मुताबिक मौतें जलने और धुएं के कारण दम घुटने से हुईं।

कुछ यात्रियों को बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया गया।

सरकार ने मुआवजे की घोषणा की

हादसे के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए ₹2 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। इसके अलावा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से भी प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹2 लाख दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

बस सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना ने लंबी दूरी की स्लीपर बसों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों और रिपोर्टों में आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण और यात्रियों को तेजी से बाहर निकालने की व्यवस्था की जरूरत पर चर्चा हुई है।

विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी बसों में नियमित तकनीकी जांच, काम करने वाले फायर एक्सटिंग्विशर, स्पष्ट इमरजेंसी एग्जिट और यात्रियों के लिए सुरक्षा संबंधी जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है।

पुलिस जांच जारी

हादसे के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बस के ड्राइवर और कंडक्टर से भी पूछताछ की गई है। आग लगने की वास्तविक वजह, बस की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा नियमों के पालन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

निष्कर्ष

यमुना एक्सप्रेसवे पर हुआ यह बस अग्निकांड बेहद दुखद घटना है। इस हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की बस यात्राओं में सुरक्षा मानकों और आपातकालीन तैयारियों के महत्व को सामने ला दिया है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बसों की नियमित जांच और आपातकालीन उपकरणों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

 

 

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