गुजरात UCC 2026: राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद क्या बदलेगा? जानिए पूरी जानकारी
गांधीनगर, 2 अक्टूबर 2026: गुजरात में समान नागरिक संहिता यानी Uniform Civil Code (UCC), 2026 को लेकर एक बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुजरात UCC विधेयक को 17 सितंबर 2026 को मंजूरी दी थी। इसके बाद गुजरात सरकार ने इसे आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित किया। राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक सूची में भी गुजरात Uniform Civil Code Bill 2026 की मंजूरी की तारीख 17 सितंबर दर्ज है।
गुजरात विधानसभा ने यह विधेयक 24 मार्च 2026 को पारित किया था। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद गुजरात उत्तराखंड के बाद UCC कानून बनाने वाला दूसरा राज्य बन गया है। हालांकि, कानून कब से पूरी तरह प्रभावी होगा, इसके लिए राज्य सरकार को अलग से अधिसूचना जारी करनी होगी।
UCC क्या है?
Uniform Civil Code यानी समान नागरिक संहिता का उद्देश्य व्यक्तिगत नागरिक मामलों के लिए एक समान कानूनी ढांचा तैयार करना है। गुजरात के UCC में मुख्य रूप से विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मामलों से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
इसका मतलब यह है कि इन विषयों से संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं को एक साझा राज्य कानून के अंतर्गत लाने का प्रयास किया गया है।
गुजरात UCC में किन विषयों को शामिल किया गया है?
गुजरात UCC 2026 में कई महत्वपूर्ण पारिवारिक और नागरिक मामलों को शामिल किया गया है।
1. विवाह और तलाक
कानून विवाह और तलाक से जुड़े मामलों के लिए एक सामान्य कानूनी ढांचा निर्धारित करता है। विवाह के पंजीकरण से संबंधित प्रावधान भी इसमें शामिल हैं।
2. उत्तराधिकार और संपत्ति
किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी संपत्ति के उत्तराधिकार से जुड़े नियम भी कानून के दायरे में आते हैं। कानून में बिना वसीयत मृत्यु होने की स्थिति में पति/पत्नी, बच्चों और माता-पिता के बीच निर्धारित हिस्सेदारी से जुड़े प्रावधान बताए गए हैं।
3. लिव-इन रिलेशनशिप
गुजरात UCC में लिव-इन रिलेशनशिप को भी कानूनी ढांचे में शामिल किया गया है। इसमें पंजीकरण और उससे जुड़े अधिकारों के लिए प्रावधान रखे गए हैं। कानून बच्चों के कुछ कानूनी अधिकारों को भी मान्यता देता है।
4. अनुसूचित जनजातियों के लिए प्रावधान
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार गुजरात UCC में राज्य की Scheduled Tribe (ST) आबादी को इसके प्रावधानों से बाहर रखा गया है।
कब से लागू होगा गुजरात UCC?
राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बावजूद इसे तुरंत प्रभावी मानना सही नहीं होगा। कानून के अनुसार इसकी commencement date राज्य सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचना जारी करके तय की जाएगी। इसलिए अंतिम प्रभावी तारीख राज्य सरकार की अधिसूचना के बाद स्पष्ट होगी।
गुजरात में UCC का महत्व
गुजरात का UCC कानून देश में व्यक्तिगत नागरिक कानूनों को एक समान ढांचे में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम है। गुजरात विधानसभा में विधेयक पेश किए जाने के समय सरकार ने इसे विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और अन्य नागरिक मामलों के लिए समान कानूनी व्यवस्था से जोड़ा था।
वहीं, UCC को लेकर सार्वजनिक और राजनीतिक बहस भी जारी रही है। समर्थक इसे समान कानूनी व्यवस्था से जोड़ते हैं, जबकि आलोचक इसके सामाजिक और कानूनी प्रभावों को लेकर अलग-अलग चिंताएं व्यक्त करते रहे हैं। इन दावों और व्याख्याओं का मूल्यांकन कानून के वास्तविक नियमों और उसके लागू होने के बाद के प्रभावों के आधार पर किया जाना होगा।
निष्कर्ष
गुजरात UCC 2026 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की कानूनी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। कानून में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषयों को शामिल किया गया है।
अब अगला महत्वपूर्ण कदम राज्य सरकार द्वारा UCC के नियमों और प्रभावी होने की तारीख की आधिकारिक अधिसूचना जारी करना होगा। इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नागरिकों के लिए नए प्रावधान व्यवहार में किस तारीख से लागू होंगे।

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